सीखें · पञ्चाङ्ग और मुहूर्त

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया मुहूर्त की एक सरल पद्धति है जो हर दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटती है और हर भाग को अच्छा, सामान्य या बुरा बताती है। पश्चिमी भारत में दिन की झटपट योजना के लिए इसका खूब उपयोग होता है।

दिनसूर्योदय → सूर्यास्तउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगलगभग नब्बे मिनट के आठ भागरातसूर्यास्त → अगला सूर्योदयशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभलगभग नब्बे मिनट के आठ भागएक रविवार। क्रम वार के साथ खिसकता है; चर, लाभ, अमृत और शुभ रखे जाते हैं, उद्वेग, काल और रोग टाले जाते हैं।
दिन और रात दोनों बराबर लम्बाई के आठ भागों में बँटे; सात नामों में से चार शुभ हैं, तीन टाले जाते हैं, और वार तय करता है कि क्रम कहाँ से शुरू हो।
भागदिन में 8, रात में 8
हर एकलगभग 90 मिनट — दिन या रात का आठवाँ भाग
नाम7 — चार रखे जाते हैं, तीन टाले जाते हैं
क्रमवार से तय

आठ भाग, दिन और रात

सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन लगभग 90-90 मिनट के आठ चौघड़ियों में बँटता है; सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक आठ और। हर एक का स्वामी सात ग्रहों में से एक है।

शुभ और अशुभ नाम

सात चौघड़िया नामों का गुण तय है: अमृत, शुभ, लाभ और चर अनुकूल हैं, जबकि रोग, काल और उद्वेग से बचा जाता है। पहला नाम वार से तय होता है, और फिर क्रम एक निश्चित चक्र में घूमता है।

इसका उपयोग कैसे करें

काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू करने के लिए अमृत/शुभ/लाभ की अवधि चुनें। चर को आवागमन के लिए सामान्य-से-अच्छा माना जाता है। पूरी मुहूर्त गणना का यह हल्का-फुल्का विकल्प है।

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प्रश्न

कौन-से चौघड़िया शुभ हैं?

अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं; चर यात्रा के लिए सामान्य/अच्छा है। रोग, काल और उद्वेग अशुभ हैं।

क्या चौघड़िया स्थान पर निर्भर है?

हाँ — भाग स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से नापे जाते हैं, इसलिए समय तारीख और स्थान के साथ बदलता है।