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हिन्दू कैलेंडर को समझें

कैलेंडर और भारतीय ज्योतिष की सरल भाषा में व्याख्या — हर चीज़ क्या है, उसकी गणना कैसे होती है, और इस साइट पर उसे कहाँ देखें।

पञ्चाङ्ग और मुहूर्त

5अंग
पञ्चाङ्ग क्या है?
पञ्चाङ्ग हिन्दू पंचांग है जो हर दिन को पाँच अंगों — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — से बताता है, जिनकी गणना सूर्य और चन्द्रमा की स्थिति से होती है।
30तिथियाँ एक मास में
तिथि क्या है?
तिथि चान्द्र दिन है — वह समय जिसमें चन्द्रमा सूर्य से 12° आगे बढ़ता है। 30 तिथियों का एक चान्द्र मास होता है, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बँटा हुआ।
27नक्षत्र
नक्षत्र क्या है?
नक्षत्र 27 चान्द्र भवनों में से एक है — राशिचक्र के 13°20′ के खंड। दिन का नक्षत्र वह है जिसमें चन्द्रमा है; इसका उपयोग नामकरण और मुहूर्त में होता है।
दिनमान का
राहु काल क्या है?
राहु काल हर दिन का लगभग 90 मिनट का अशुभ समय है — दिनमान का आठवाँ भाग, जिसकी जगह वार से तय होती है। इसमें नया काम शुरू करने से बचा जाता है।
16भाग, दिन और रात
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों (~90 मिनट) में बाँटता है, जिन्हें उनके स्वामी ग्रह से शुभ (अमृत, शुभ, लाभ) या अशुभ (रोग, काल, उद्वेग) नाम मिलते हैं।
5अंग सहमत हों
मुहूर्त क्या है?
मुहूर्त किसी काम के लिए चुनी गई शुभ अवधि है, जो पञ्चाङ्ग के अंगों — तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण — को अनुकूल योगों में मिलाकर निकलती है।
12वर्ष, लगभग
कुम्भ मेले का संयोग
कुम्भ मेले की तिथियाँ खगोल हैं: चारों स्थानों में से हर एक का मेला तब होता है जब सूर्य और गुरु एक साथ राशियों की एक निश्चित जोड़ी में हों — गुरु की कक्षा की घड़ी पर, लगभग हर 12 वर्ष।

कुंडली और ज्योतिष

12भाव
कुंडली (जन्म कुंडली) क्या है?
कुंडली जन्म के क्षण के आकाश का चित्र है — लग्न, बारह भाव और निरयण राशियों में रखे नौ ग्रह। यह स्थितियाँ दर्ज करती है, भविष्यवाणी नहीं।
~2 hएक राशि के उदय में
लग्न क्या है?
लग्न किसी क्षण पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही राशि है। यह लगभग हर दो घंटे में बदलता है और कुंडली के बारह भाव तय करता है।
30°प्रत्येक
राशि (चन्द्र राशि) क्या है?
राशि निरयण राशिचक्र के 30° के बारह भागों में से एक है। भारतीय ज्योतिष में “आपकी राशि” का अर्थ प्रायः जन्म के समय चन्द्रमा की राशि है, सूर्य की नहीं।
9ग्रह
नवग्रह क्या हैं?
नवग्रह भारतीय खगोल के नौ ग्रह हैं — सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और चन्द्रमा के दो पात राहु और केतु।
27नक्षत्र
नक्षत्र क्या है?
नक्षत्र 27 चान्द्र भवनों में से एक है — राशिचक्र के 13°20′ के खंड। दिन का नक्षत्र वह है जिसमें चन्द्रमा है; इसका उपयोग नामकरण और मुहूर्त में होता है।
120वर्ष
विंशोत्तरी दशा क्या है?
विंशोत्तरी दशा नौ ग्रह-कालों का 120 वर्ष का चक्र है। जन्म के समय कौन-सी दशा चल रही है और उसका कितना शेष है, यह चन्द्रमा के नक्षत्र से तय होता है।
108अक्षर
नाम अक्षर क्या है?
नाम अक्षर वह अक्षर है जिससे पारंपरिक नाम शुरू होता है, जो जन्म के समय चन्द्रमा के नक्षत्र के पद से तय होता है। ये 108 हैं।
5भाव
मंगल दोष (मांगलिक) क्या है?
मंगल दोष, या मांगलिक होना, कुंडली के कुछ भावों में मंगल का पड़ना है। कौन-से भाव गिने जाएँ — और किस बिन्दु से — यह परंपरा के साथ बदलता है।
36अंक
कुंडली मिलान (गुण मिलान) क्या है?
कुंडली मिलान आठ कूटों में 36 गुणों में अनुकूलता आँकता है, जिसकी गणना लगभग पूरी तरह दोनों की चन्द्र स्थिति — नक्षत्र और राशि — से होती है।
24°आज
अयनांश क्या है?
अयनांश निरयण और सायन राशिचक्र के बीच का कोण है, जो अयन-चलन से हर वर्ष लगभग 50 विकला बढ़ता है। लाहिड़ी भारत का मानक मान है।