सभी मुहूर्त
अमृत सिद्धि योग भी सर्वार्थ सिद्धि की भाँति वार और नक्षत्र का मेल है, पर इसकी सूची कहीं छोटी है — प्रत्येक वार के लिए ठीक एक नक्षत्र: रविवार को हस्त, सोमवार को मृगशीर्षा, मंगलवार को अश्विनी, बुधवार को अनुराधा, गुरुवार को पुष्य, शुक्रवार को रेवती और शनिवार को रोहिणी। नाम ही इसका महत्व बताता है — परंपरा इसे वर्ष के सबसे बलवान सामान्य मुहूर्तों में गिनती है। हर वार के साथ केवल एक ही जोड़ी संभव है, इसलिए यह सर्वार्थ सिद्धि से कहीं कम आता है।
शुभ अवधि
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14जन॰07:11 → 15 जन॰ 03:02बुधवार
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11फ़र॰07:03 → 10:51बुधवार
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20फ़र॰20:06 → 21 फ़र॰ 06:56शुक्रवार
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20मार्च06:32 → 21 मार्च 02:26शुक्रवार
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17अप्रैल06:06 → 12:01शुक्रवार
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21अप्रैल02:07 → 06:02मंगलवार
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23अप्रैल20:56 → 24 अप्रैल 06:00गुरुवार
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18मई11:31 → 19 मई 05:45सोमवार
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21मई05:44 → 22 मई 02:48गुरुवार
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14जून01:15 → 05:42रविवार
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15जून05:42 → 19:07सोमवार
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18जून05:42 → 11:31गुरुवार
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11जुल॰11:02 → 12 जुल॰ 05:50शनिवार
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19जुल॰18:11 → 20 जुल॰ 05:53रविवार
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4अग॰21:53 → 5 अग॰ 06:00मंगलवार
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8अग॰06:01 → 16:50शनिवार
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16अग॰06:04 → 17 अग॰ 03:49रविवार
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1सित॰06:10 → 2 सित॰ 02:41मंगलवार
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13सित॰06:13 → 13:06रविवार
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16सित॰17:21 → 17 सित॰ 06:15बुधवार
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29सित॰06:18 → 09:02मंगलवार
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14अक्टू॰06:24 → 15 अक्टू॰ 04:02बुधवार
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11नव॰06:39 → 11:37बुधवार
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18दिस॰16:09 → 19 दिस॰ 07:03शुक्रवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।