सभी मुहूर्त

अमृत सिद्धि योग 2032

अमृत सिद्धि योग भी सर्वार्थ सिद्धि की भाँति वार और नक्षत्र का मेल है, पर इसकी सूची कहीं छोटी है — प्रत्येक वार के लिए ठीक एक नक्षत्र: रविवार को हस्त, सोमवार को मृगशीर्षा, मंगलवार को अश्विनी, बुधवार को अनुराधा, गुरुवार को पुष्य, शुक्रवार को रेवती और शनिवार को रोहिणी। नाम ही इसका महत्व बताता है — परंपरा इसे वर्ष के सबसे बलवान सामान्य मुहूर्तों में गिनती है। हर वार के साथ केवल एक ही जोड़ी संभव है, इसलिए यह सर्वार्थ सिद्धि से कहीं कम आता है।

शुभ अवधि

  • 5जन॰
    06:40 → 07:10
    सोमवार
  • 20जन॰
    07:11 → 09:43
    मंगलवार
  • 1फ़र॰
    13:00 → 2 फ़र॰ 07:07
    रविवार
  • 29फ़र॰
    06:50 → 20:42
    रविवार
  • 4मार्च
    00:02 → 06:46
    गुरुवार
  • 13मार्च
    05:22 → 06:38
    शनिवार
  • 31मार्च
    06:21 → 1 अप्रैल 05:32
    बुधवार
  • 9अप्रैल
    15:39 → 10 अप्रैल 06:11
    शुक्रवार
  • 28अप्रैल
    05:56 → 11:32
    बुधवार
  • 7मई
    05:51 → 22:48
    शुक्रवार
  • 5जुल॰
    13:12 → 6 जुल॰ 05:47
    सोमवार
  • 8जुल॰
    19:06 → 9 जुल॰ 05:49
    गुरुवार
  • 31जुल॰
    17:26 → 1 अग॰ 05:58
    शनिवार
  • 2अग॰
    05:59 → 20:36
    सोमवार
  • 5अग॰
    06:00 → 6 अग॰ 03:58
    गुरुवार
  • 25अग॰
    00:52 → 06:08
    बुधवार
  • 28अग॰
    06:09 → 29 अग॰ 00:40
    शनिवार
  • 2सित॰
    06:10 → 09:53
    गुरुवार
  • 21सित॰
    10:59 → 22 सित॰ 06:16
    मंगलवार
  • 25सित॰
    06:17 → 08:04
    शनिवार
  • 4अक्टू॰
    03:51 → 06:20
    सोमवार
  • 19अक्टू॰
    06:26 → 19:49
    मंगलवार
  • 31अक्टू॰
    11:02 → 1 नव॰ 06:33
    रविवार
  • 28नव॰
    06:50 → 21:42
    रविवार
  • 2दिस॰
    01:47 → 06:53
    गुरुवार
  • 29दिस॰
    11:18 → 30 दिस॰ 07:08
    बुधवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।