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अमृत सिद्धि योग 2033

अमृत सिद्धि योग भी सर्वार्थ सिद्धि की भाँति वार और नक्षत्र का मेल है, पर इसकी सूची कहीं छोटी है — प्रत्येक वार के लिए ठीक एक नक्षत्र: रविवार को हस्त, सोमवार को मृगशीर्षा, मंगलवार को अश्विनी, बुधवार को अनुराधा, गुरुवार को पुष्य, शुक्रवार को रेवती और शनिवार को रोहिणी। नाम ही इसका महत्व बताता है — परंपरा इसे वर्ष के सबसे बलवान सामान्य मुहूर्तों में गिनती है। हर वार के साथ केवल एक ही जोड़ी संभव है, इसलिए यह सर्वार्थ सिद्धि से कहीं कम आता है।

शुभ अवधि

  • 7जन॰
    20:44 → 8 जन॰ 07:11
    शुक्रवार
  • 26जन॰
    07:10 → 21:26
    बुधवार
  • 4फ़र॰
    07:06 → 5 फ़र॰ 01:55
    शुक्रवार
  • 4मार्च
    06:47 → 10:43
    शुक्रवार
  • 8मार्च
    06:40 → 06:43
    मंगलवार
  • 4अप्रैल
    14:41 → 5 अप्रैल 06:16
    सोमवार
  • 7अप्रैल
    16:51 → 8 अप्रैल 06:13
    गुरुवार
  • 1मई
    01:46 → 05:54
    रविवार
  • 2मई
    05:54 → 23:45
    सोमवार
  • 5मई
    05:52 → 6 मई 02:17
    गुरुवार
  • 28मई
    11:47 → 29 मई 05:42
    शनिवार
  • 30मई
    05:42 → 09:32
    सोमवार
  • 2जून
    05:42 → 10:45
    गुरुवार
  • 21जून
    23:57 → 22 जून 05:43
    मंगलवार
  • 25जून
    05:44 → 19:08
    शनिवार
  • 4जुल॰
    04:57 → 05:47
    सोमवार
  • 19जुल॰
    05:53 → 20 जुल॰ 04:08
    मंगलवार
  • 31जुल॰
    12:42 → 1 अग॰ 05:58
    रविवार
  • 16अग॰
    06:04 → 09:49
    मंगलवार
  • 28अग॰
    06:08 → 22:57
    रविवार
  • 28सित॰
    14:23 → 29 सित॰ 06:18
    बुधवार
  • 26अक्टू॰
    06:30 → 22:38
    बुधवार
  • 4नव॰
    20:23 → 5 नव॰ 06:35
    शुक्रवार
  • 2दिस॰
    06:53 → 3 दिस॰ 03:22
    शुक्रवार
  • 30दिस॰
    07:08 → 10:19
    शुक्रवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।