सभी मुहूर्त
अमृत सिद्धि योग भी सर्वार्थ सिद्धि की भाँति वार और नक्षत्र का मेल है, पर इसकी सूची कहीं छोटी है — प्रत्येक वार के लिए ठीक एक नक्षत्र: रविवार को हस्त, सोमवार को मृगशीर्षा, मंगलवार को अश्विनी, बुधवार को अनुराधा, गुरुवार को पुष्य, शुक्रवार को रेवती और शनिवार को रोहिणी। नाम ही इसका महत्व बताता है — परंपरा इसे वर्ष के सबसे बलवान सामान्य मुहूर्तों में गिनती है। हर वार के साथ केवल एक ही जोड़ी संभव है, इसलिए यह सर्वार्थ सिद्धि से कहीं कम आता है।
शुभ अवधि
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15जन॰07:11 → 23:50शुक्रवार
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16फ़र॰03:24 → 07:00मंगलवार
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18फ़र॰21:04 → 19 फ़र॰ 06:58गुरुवार
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15मार्च09:25 → 16 मार्च 06:36सोमवार
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18मार्च06:34 → 19 मार्च 03:20गुरुवार
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10अप्रैल16:06 → 11 अप्रैल 06:11शनिवार
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12अप्रैल06:10 → 13:33सोमवार
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15अप्रैल06:07 → 09:32गुरुवार
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19अप्रैल05:14 → 06:04सोमवार
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5मई03:13 → 05:52बुधवार
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8मई05:50 → 21:52शनिवार
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16मई11:34 → 17 मई 05:46रविवार
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1जून12:48 → 2 जून 05:42मंगलवार
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5जून05:41 → 07:01शनिवार
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13जून05:41 → 16:58रविवार
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16जून19:43 → 17 जून 05:42बुधवार
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29जून05:45 → 21:47मंगलवार
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14जुल॰05:50 → 15 जुल॰ 03:17बुधवार
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11अग॰06:02 → 09:13बुधवार
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17सित॰15:27 → 18 सित॰ 06:15शुक्रवार
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15अक्टू॰06:24 → 23:28शुक्रवार
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12नव॰06:39 → 07:54शुक्रवार
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16नव॰05:59 → 06:42मंगलवार
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19नव॰01:50 → 06:44शुक्रवार
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13दिस॰15:13 → 14 दिस॰ 07:00सोमवार
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16दिस॰09:12 → 17 दिस॰ 07:02गुरुवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।