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होलाष्टक 2025

होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक के आठ दिन हैं, जिनका अंत होलिका दहन पर होता है। इस अवधि में शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं — सोलह संस्कार, विवाह और गृहप्रवेश सहित — और होली के बाद ही फिर आरंभ होते हैं। नाम भी यही कहता है: होली और अष्टक, अर्थात आठ।

विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल

  • 6मार्च
    6 मार्च → 14 मार्च
    गुरुवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।