सभी मुहूर्त
होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक के आठ दिन हैं, जिनका अंत होलिका दहन पर होता है। इस अवधि में शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं — सोलह संस्कार, विवाह और गृहप्रवेश सहित — और होली के बाद ही फिर आरंभ होते हैं। नाम भी यही कहता है: होली और अष्टक, अर्थात आठ।
विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल
-
4मार्च4 मार्च → 11 मार्चशनिवार
- दिन
-
4मार्चअष्टमीशनिवार
-
5मार्चनवमीरविवार
-
6मार्चदशमीसोमवार
-
7मार्चएकादशीमंगलवार
-
8मार्चद्वादशीबुधवार
-
9मार्चत्रयोदशीगुरुवार
-
10मार्चचतुर्दशीशुक्रवार
-
11मार्चहोली (रंग)शनिवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।