सभी मुहूर्त
होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक के आठ दिन हैं, जिनका अंत होलिका दहन पर होता है। इस अवधि में शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं — सोलह संस्कार, विवाह और गृहप्रवेश सहित — और होली के बाद ही फिर आरंभ होते हैं। नाम भी यही कहता है: होली और अष्टक, अर्थात आठ।
विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल
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16मार्च16 मार्च → 23 मार्चमंगलवार
- दिन
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16मार्चअष्टमीमंगलवार
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17मार्चनवमीबुधवार
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18मार्चएकादशीगुरुवार
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19मार्चद्वादशीशुक्रवार
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20मार्चत्रयोदशीशनिवार
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21मार्चचतुर्दशीरविवार
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22मार्चपूर्णिमासोमवार
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23मार्चहोली (रंग)मंगलवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।