सभी मुहूर्त
होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक के आठ दिन हैं, जिनका अंत होलिका दहन पर होता है। इस अवधि में शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं — सोलह संस्कार, विवाह और गृहप्रवेश सहित — और होली के बाद ही फिर आरंभ होते हैं। नाम भी यही कहता है: होली और अष्टक, अर्थात आठ।
विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल
-
24फ़र॰24 फ़र॰ → 3 मार्चमंगलवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।