सभी मुहूर्त
चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी) से कार्तिक शुक्ल एकादशी (प्रबोधिनी) तक की चार महीने की अवधि है — वे मास जिनमें विष्णु का शयन माना जाता है। परंपरा में विवाह और अन्य नए आरंभ इस पूरी अवधि में स्थगित रहते हैं, इसीलिए इन तिथियों में विवाह मुहूर्त की सूची खाली मिलती है। यदि बीच में अधिक मास पड़ जाए तो चातुर्मास उसे भी अपने में समेट लेता है और कैलेंडर के हिसाब से चार नहीं, पाँच महीने चलता है।
शुभ अवधि
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30जून30 जून → 24 नव॰सोमवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।