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पंचक 2029

पंचक वह अवधि है जब चंद्रमा कुम्भ या मीन में हो — अर्थात धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, क्योंकि धनिष्ठा का मध्यबिंदु ही कुम्भ का आरंभ है। यह लगभग हर 27 दिन में लौटता है और करीब पाँच दिन रहता है — नाम इसी से पड़ा। इसमें सामान्य शुभ कार्य नहीं, पाँच विशेष कर्म वर्जित माने गए हैं: छत डालना, ईंधन एकत्र करना, पलंग बनवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा और विधि-रहित दाह-संस्कार।

विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल

  • 17जन॰
    17 जन॰ → 22 जन॰
    बुधवार
  • 13फ़र॰
    13 फ़र॰ → 18 फ़र॰
    मंगलवार
  • 12मार्च
    12 मार्च → 17 मार्च
    सोमवार
  • 9अप्रैल
    9 अप्रैल → 14 अप्रैल
    सोमवार
  • 6मई
    6 मई → 11 मई
    रविवार
  • 2जून
    2 जून → 7 जून
    शनिवार
  • 30जून
    30 जून → 5 जुल॰
    शनिवार
  • 27जुल॰
    27 जुल॰ → 1 अग॰
    शुक्रवार
  • 23अग॰
    23 अग॰ → 28 अग॰
    गुरुवार
  • 20सित॰
    20 सित॰ → 24 सित॰
    गुरुवार
  • 17अक्टू॰
    17 अक्टू॰ → 22 अक्टू॰
    बुधवार
  • 13नव॰
    13 नव॰ → 18 नव॰
    मंगलवार
  • 10दिस॰
    10 दिस॰ → 15 दिस॰
    सोमवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।