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पंचक 2031

पंचक वह अवधि है जब चंद्रमा कुम्भ या मीन में हो — अर्थात धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, क्योंकि धनिष्ठा का मध्यबिंदु ही कुम्भ का आरंभ है। यह लगभग हर 27 दिन में लौटता है और करीब पाँच दिन रहता है — नाम इसी से पड़ा। इसमें सामान्य शुभ कार्य नहीं, पाँच विशेष कर्म वर्जित माने गए हैं: छत डालना, ईंधन एकत्र करना, पलंग बनवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा और विधि-रहित दाह-संस्कार।

विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल

  • 1जन॰
    1 जन॰
    बुधवार
  • 24जन॰
    24 जन॰ → 29 जन॰
    शुक्रवार
  • 21फ़र॰
    21 फ़र॰ → 25 फ़र॰
    शुक्रवार
  • 20मार्च
    20 मार्च → 25 मार्च
    गुरुवार
  • 16अप्रैल
    16 अप्रैल → 21 अप्रैल
    बुधवार
  • 14मई
    14 मई → 18 मई
    बुधवार
  • 10जून
    10 जून → 14 जून
    मंगलवार
  • 7जुल॰
    7 जुल॰ → 12 जुल॰
    सोमवार
  • 4अग॰
    4 अग॰ → 8 अग॰
    सोमवार
  • 31अग॰
    31 अग॰ → 4 सित॰
    रविवार
  • 28सित॰
    28 सित॰ → 2 अक्टू॰
    रविवार
  • 25अक्टू॰
    25 अक्टू॰ → 29 अक्टू॰
    शनिवार
  • 21नव॰
    21 नव॰ → 25 नव॰
    शुक्रवार
  • 18दिस॰
    18 दिस॰ → 23 दिस॰
    गुरुवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।