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त्रिपुष्कर योग 2024

त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।

शुभ अवधि

  • 2जन॰
    17:10 → 3 जन॰ 07:09
    मंगलवार
  • 11फ़र॰
    17:38 → 21:08
    रविवार
  • 20फ़र॰
    12:11 → 21 फ़र॰ 06:56
    मंगलवार
  • 26फ़र॰
    01:23 → 06:52
    सोमवार
  • 2मार्च
    07:53 → 14:41
    शनिवार
  • 15अप्रैल
    01:33 → 06:07
    सोमवार
  • 20अप्रैल
    14:03 → 22:40
    शनिवार
  • 30अप्रैल
    07:04 → 1 मई 04:08
    मंगलवार
  • 4मई
    20:38 → 22:06
    शनिवार
  • 18जून
    15:55 → 19 जून 05:42
    मंगलवार
  • 23जून
    17:02 → 24 जून 03:25
    रविवार
  • 2जुल॰
    08:41 → 3 जुल॰ 04:38
    मंगलवार
  • 7जुल॰
    04:25 → 04:46
    रविवार
  • 21अग॰
    03:08 → 06:06
    बुधवार
  • 25अग॰
    16:44 → 26 अग॰ 03:38
    रविवार
  • 23अक्टू॰
    05:37 → 06:28
    बुधवार
  • 29अक्टू॰
    06:31 → 10:31
    मंगलवार
  • 2नव॰
    20:21 → 3 नव॰ 05:57
    शनिवार
  • 17दिस॰
    07:03 → 10:55
    मंगलवार
  • 22दिस॰
    06:13 → 14:31
    रविवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।