सभी मुहूर्त
त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।
शुभ अवधि
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4जन॰13:19 → 5 जन॰ 06:40शनिवार
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19फ़र॰00:25 → 05:37बुधवार
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22फ़र॰19:04 → 23 फ़र॰ 15:35शनिवार
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5मार्च06:18 → 06:46बुधवार
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3मई15:53 → 4 मई 08:59शनिवार
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21जून12:01 → 22 जून 08:50शनिवार
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1जुल॰13:52 → 2 जुल॰ 00:23मंगलवार
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5जुल॰20:35 → 6 जुल॰ 10:35शनिवार
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24अग॰16:05 → 25 अग॰ 06:07रविवार
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2सित॰11:56 → 21:58मंगलवार
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7सित॰07:21 → 22:57रविवार
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18अक्टू॰06:26 → 11:44शनिवार
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26अक्टू॰17:48 → 27 अक्टू॰ 06:30रविवार
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1नव॰06:32 → 13:29शनिवार
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11नव॰06:38 → 13:19मंगलवार
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20दिस॰07:04 → 18:11शनिवार
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30दिस॰07:08 → 16:54मंगलवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।