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त्रिपुष्कर योग 2033

त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।

शुभ अवधि

  • 2जन॰
    13:17 → 3 जन॰ 05:57
    रविवार
  • 11जन॰
    17:24 → 18:46
    मंगलवार
  • 21फ़र॰
    03:23 → 06:56
    सोमवार
  • 26फ़र॰
    06:52 → 27 फ़र॰ 00:12
    शनिवार
  • 6मार्च
    20:08 → 7 मार्च 06:41
    रविवार
  • 16अप्रैल
    14:54 → 17 अप्रैल 04:32
    शनिवार
  • 26अप्रैल
    05:58 → 13:23
    मंगलवार
  • 30अप्रैल
    05:55 → 1 मई 01:46
    शनिवार
  • 10मई
    08:19 → 13:29
    मंगलवार
  • 19जून
    04:02 → 18:02
    रविवार
  • 28जून
    05:45 → 18:34
    मंगलवार
  • 3जुल॰
    06:56 → 4 जुल॰ 04:57
    रविवार
  • 21अग॰
    07:56 → 22 अग॰ 00:09
    रविवार
  • 27अग॰
    06:08 → 07:15
    शनिवार
  • 6सित॰
    06:11 → 10:28
    मंगलवार
  • 25अक्टू॰
    06:29 → 17:43
    मंगलवार
  • 30अक्टू॰
    03:08 → 22:33
    रविवार
  • 8नव॰
    06:37 → 09:21
    मंगलवार
  • 18दिस॰
    07:09 → 20:28
    रविवार
  • 27दिस॰
    20:18 → 28 दिस॰ 07:08
    मंगलवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।