सभी मुहूर्त
त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।
शुभ अवधि
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2जन॰13:17 → 3 जन॰ 05:57रविवार
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11जन॰17:24 → 18:46मंगलवार
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21फ़र॰03:23 → 06:56सोमवार
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26फ़र॰06:52 → 27 फ़र॰ 00:12शनिवार
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6मार्च20:08 → 7 मार्च 06:41रविवार
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16अप्रैल14:54 → 17 अप्रैल 04:32शनिवार
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26अप्रैल05:58 → 13:23मंगलवार
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30अप्रैल05:55 → 1 मई 01:46शनिवार
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10मई08:19 → 13:29मंगलवार
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19जून04:02 → 18:02रविवार
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28जून05:45 → 18:34मंगलवार
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3जुल॰06:56 → 4 जुल॰ 04:57रविवार
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21अग॰07:56 → 22 अग॰ 00:09रविवार
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27अग॰06:08 → 07:15शनिवार
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6सित॰06:11 → 10:28मंगलवार
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25अक्टू॰06:29 → 17:43मंगलवार
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30अक्टू॰03:08 → 22:33रविवार
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8नव॰06:37 → 09:21मंगलवार
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18दिस॰07:09 → 20:28रविवार
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27दिस॰20:18 → 28 दिस॰ 07:08मंगलवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।