सभी नक्षत्र
हस्त
हस्त 27 नक्षत्रों में क्रमांक 13 है, जिसका विस्तार निरयण राशिचक्र में 160°00′ – 173°20′ है। इसका विंशोत्तरी स्वामी चंद्र है, इसलिए इस नक्षत्र में जन्म चंद्र महादशा से आरम्भ होता है।
| स्वामी | चंद्र |
|---|---|
| दशा अवधि | 10 वर्ष |
| देवता | सवितृ |
| प्रतीक | खुली हथेली |
| गण | देव |
| नाड़ी | अन्त्य (कफ) |
| योनि | महिष |
| विस्तार | 160°00′ – 173°20′ |
| राशि | कन्या |
गण, नाड़ी और योनि अष्टकूट मिलान के आठ कूटों में से तीन हैं, और ये पूरी कुण्डली से नहीं, केवल चन्द्रमा के नक्षत्र से पढ़े जाते हैं। नीचे दिए चारों पादों में से प्रत्येक का एक अक्षर है — वही नाम अक्षर, जिससे परंपरागत नाम आरम्भ होता है।
नाम अक्षर
-
पू
पाद 1
-
ष
पाद 2
-
ण
पाद 3
-
ठ
पाद 4