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पंचक 2027

पंचक वह अवधि है जब चंद्रमा कुम्भ या मीन में हो — अर्थात धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, क्योंकि धनिष्ठा का मध्यबिंदु ही कुम्भ का आरंभ है। यह लगभग हर 27 दिन में लौटता है और करीब पाँच दिन रहता है — नाम इसी से पड़ा। इसमें सामान्य शुभ कार्य नहीं, पाँच विशेष कर्म वर्जित माने गए हैं: छत डालना, ईंधन एकत्र करना, पलंग बनवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा और विधि-रहित दाह-संस्कार।

विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल

  • 11जन॰
    11 जन॰ → 15 जन॰
    सोमवार
  • 7फ़र॰
    7 फ़र॰ → 12 फ़र॰
    रविवार
  • 6मार्च
    6 मार्च → 11 मार्च
    शनिवार
  • 3अप्रैल
    3 अप्रैल → 7 अप्रैल
    शनिवार
  • 30अप्रैल
    30 अप्रैल → 5 मई
    शुक्रवार
  • 27मई
    27 मई → 1 जून
    गुरुवार
  • 24जून
    24 जून → 28 जून
    गुरुवार
  • 21जुल॰
    21 जुल॰ → 26 जुल॰
    बुधवार
  • 17अग॰
    17 अग॰ → 22 अग॰
    मंगलवार
  • 13सित॰
    13 सित॰ → 18 सित॰
    सोमवार
  • 11अक्टू॰
    11 अक्टू॰ → 15 अक्टू॰
    सोमवार
  • 7नव॰
    7 नव॰ → 12 नव॰
    रविवार
  • 4दिस॰
    4 दिस॰ → 9 दिस॰
    शनिवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।