सभी मुहूर्त
पंचक वह अवधि है जब चंद्रमा कुम्भ या मीन में हो — अर्थात धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, क्योंकि धनिष्ठा का मध्यबिंदु ही कुम्भ का आरंभ है। यह लगभग हर 27 दिन में लौटता है और करीब पाँच दिन रहता है — नाम इसी से पड़ा। इसमें सामान्य शुभ कार्य नहीं, पाँच विशेष कर्म वर्जित माने गए हैं: छत डालना, ईंधन एकत्र करना, पलंग बनवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा और विधि-रहित दाह-संस्कार।
विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल
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11जन॰11 जन॰ → 15 जन॰सोमवार
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7फ़र॰7 फ़र॰ → 12 फ़र॰रविवार
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6मार्च6 मार्च → 11 मार्चशनिवार
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3अप्रैल3 अप्रैल → 7 अप्रैलशनिवार
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30अप्रैल30 अप्रैल → 5 मईशुक्रवार
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27मई27 मई → 1 जूनगुरुवार
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24जून24 जून → 28 जूनगुरुवार
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21जुल॰21 जुल॰ → 26 जुल॰बुधवार
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17अग॰17 अग॰ → 22 अग॰मंगलवार
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13सित॰13 सित॰ → 18 सित॰सोमवार
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11अक्टू॰11 अक्टू॰ → 15 अक्टू॰सोमवार
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7नव॰7 नव॰ → 12 नव॰रविवार
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4दिस॰4 दिस॰ → 9 दिस॰शनिवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।