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पंचक 2028

पंचक वह अवधि है जब चंद्रमा कुम्भ या मीन में हो — अर्थात धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक, क्योंकि धनिष्ठा का मध्यबिंदु ही कुम्भ का आरंभ है। यह लगभग हर 27 दिन में लौटता है और करीब पाँच दिन रहता है — नाम इसी से पड़ा। इसमें सामान्य शुभ कार्य नहीं, पाँच विशेष कर्म वर्जित माने गए हैं: छत डालना, ईंधन एकत्र करना, पलंग बनवाना, दक्षिण दिशा की यात्रा और विधि-रहित दाह-संस्कार।

विवाह और अन्य शुभ आरंभ के लिए वर्जित काल

  • 1जन॰
    1 जन॰ → 6 जन॰
    शनिवार
  • 28जन॰
    28 जन॰ → 2 फ़र॰
    शुक्रवार
  • 24फ़र॰
    24 फ़र॰ → 29 फ़र॰
    गुरुवार
  • 22मार्च
    22 मार्च → 27 मार्च
    बुधवार
  • 19अप्रैल
    19 अप्रैल → 24 अप्रैल
    बुधवार
  • 16मई
    16 मई → 21 मई
    मंगलवार
  • 12जून
    12 जून → 17 जून
    सोमवार
  • 10जुल॰
    10 जुल॰ → 15 जुल॰
    सोमवार
  • 6अग॰
    6 अग॰ → 11 अग॰
    रविवार
  • 2सित॰
    2 सित॰ → 7 सित॰
    शनिवार
  • 29सित॰
    29 सित॰ → 5 अक्टू॰
    शुक्रवार
  • 27अक्टू॰
    27 अक्टू॰ → 1 नव॰
    शुक्रवार
  • 23नव॰
    23 नव॰ → 28 नव॰
    गुरुवार
  • 20दिस॰
    20 दिस॰ → 25 दिस॰
    बुधवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।