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त्रिपुष्कर योग 2025

त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।

शुभ अवधि

  • 1जन॰
    03:21 → 07:09
    बुधवार
  • 5जन॰
    20:14 → 20:16
    रविवार
  • 9फ़र॰
    17:51 → 19:24
    रविवार
  • 25फ़र॰
    06:53 → 12:46
    मंगलवार
  • 1मार्च
    06:49 → 11:21
    शनिवार
  • 15अप्रैल
    06:07 → 10:54
    मंगलवार
  • 20अप्रैल
    11:47 → 19:00
    रविवार
  • 29अप्रैल
    05:56 → 17:30
    मंगलवार
  • 3मई
    07:51 → 12:33
    शनिवार
  • 18जून
    01:00 → 05:42
    बुधवार
  • 22जून
    17:37 → 23 जून 01:21
    रविवार
  • 1जुल॰
    10:20 → 2 जुल॰ 05:46
    मंगलवार
  • 6जुल॰
    21:14 → 22:40
    रविवार
  • 12जुल॰
    05:50 → 06:35
    शनिवार
  • 20अग॰
    01:06 → 06:06
    बुधवार
  • 25अग॰
    02:04 → 06:07
    सोमवार
  • 30अग॰
    06:09 → 14:36
    शनिवार
  • 13सित॰
    07:22 → 10:10
    शनिवार
  • 28अक्टू॰
    15:44 → 29 अक्टू॰ 06:31
    मंगलवार
  • 2नव॰
    07:30 → 17:02
    रविवार
  • 16दिस॰
    14:08 → 23:56
    मंगलवार
  • 22दिस॰
    03:35 → 07:05
    सोमवार
  • 27दिस॰
    07:07 → 09:08
    शनिवार
  • 31दिस॰
    04:59 → 07:09
    बुधवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।