सभी मुहूर्त
त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।
शुभ अवधि
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1जन॰03:21 → 07:09बुधवार
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5जन॰20:14 → 20:16रविवार
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9फ़र॰17:51 → 19:24रविवार
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25फ़र॰06:53 → 12:46मंगलवार
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1मार्च06:49 → 11:21शनिवार
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15अप्रैल06:07 → 10:54मंगलवार
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20अप्रैल11:47 → 19:00रविवार
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29अप्रैल05:56 → 17:30मंगलवार
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3मई07:51 → 12:33शनिवार
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18जून01:00 → 05:42बुधवार
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22जून17:37 → 23 जून 01:21रविवार
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1जुल॰10:20 → 2 जुल॰ 05:46मंगलवार
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6जुल॰21:14 → 22:40रविवार
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12जुल॰05:50 → 06:35शनिवार
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20अग॰01:06 → 06:06बुधवार
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25अग॰02:04 → 06:07सोमवार
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30अग॰06:09 → 14:36शनिवार
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13सित॰07:22 → 10:10शनिवार
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28अक्टू॰15:44 → 29 अक्टू॰ 06:31मंगलवार
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2नव॰07:30 → 17:02रविवार
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16दिस॰14:08 → 23:56मंगलवार
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22दिस॰03:35 → 07:05सोमवार
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27दिस॰07:07 → 09:08शनिवार
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31दिस॰04:59 → 07:09बुधवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।