सभी मुहूर्त
त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।
शुभ अवधि
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3जन॰16:07 → 21:36रविवार
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9जन॰07:11 → 12:14शनिवार
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27फ़र॰06:51 → 11:38शनिवार
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13अप्रैल12:11 → 17:28मंगलवार
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18अप्रैल06:04 → 07:41रविवार
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27अप्रैल14:24 → 28 अप्रैल 05:57मंगलवार
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2मई19:51 → 3 मई 02:39रविवार
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15जून18:22 → 16 जून 02:30मंगलवार
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21जून05:02 → 05:43सोमवार
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26जून05:44 → 19:21शनिवार
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5जुल॰04:50 → 05:47सोमवार
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24अग॰12:36 → 20:24मंगलवार
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28अग॰12:41 → 29 अग॰ 06:16शनिवार
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11सित॰19:35 → 12 सित॰ 02:57शनिवार
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26अक्टू॰14:33 → 27 अक्टू॰ 01:02मंगलवार
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30अक्टू॰17:51 → 31 अक्टू॰ 09:30शनिवार
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20दिस॰02:06 → 03:33सोमवार
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।