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त्रिपुष्कर योग 2026

त्रिपुष्कर योग में भद्रा तिथि (द्वितीया, सप्तमी, द्वादशी) और वार (रवि, मंगल, शनि) द्विपुष्कर जैसे ही हैं, पर नक्षत्र भिन्न हैं — कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तर फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढा और पूर्वभाद्रपदा, जो त्रिपद नक्षत्र हैं। द्विपुष्कर जहाँ दुगुना करता है, यह तिगुना कहा गया है: लाभ भी तीन बार और हानि भी। दोनों में यह अधिक दुर्लभ है।

शुभ अवधि

  • 4जन॰
    12:29 → 15:10
    रविवार
  • 24फ़र॰
    06:54 → 07:01
    मंगलवार
  • 28फ़र॰
    06:50 → 09:34
    शनिवार
  • 14अप्रैल
    16:05 → 15 अप्रैल 00:11
    मंगलवार
  • 19अप्रैल
    07:09 → 10:48
    रविवार
  • 28अप्रैल
    05:57 → 18:51
    मंगलवार
  • 3मई
    00:49 → 07:09
    रविवार
  • 16जून
    16:11 → 17 जून 00:51
    मंगलवार
  • 21जून
    09:30 → 15:20
    रविवार
  • 11जुल॰
    05:49 → 11:02
    शनिवार
  • 25अग॰
    06:07 → 06:20
    मंगलवार
  • 29अग॰
    09:56 → 30 अग॰ 03:41
    शनिवार
  • 12सित॰
    07:45 → 12:54
    शनिवार
  • 27अक्टू॰
    15:38 → 28 अक्टू॰ 04:06
    मंगलवार
  • 31अक्टू॰
    16:56 → 1 नव॰ 05:38
    शनिवार
  • 29दिस॰
    15:42 → 30 दिस॰ 07:08
    मंगलवार

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और उज्जैन के लिए निकाले गए हैं। तिथि या नक्षत्र का परिवर्तन सर्वत्र एक ही क्षण होता है, इसलिए आपके समय-क्षेत्र से केवल घड़ी में दिखने वाला समय बदलता है — पर जो अवधि वार से बँधी है, वह आपके अपने सूर्योदय से भी चलती है। ऐप दोनों की गणना आपके शहर के लिए करता है।